सिर्फ़ प्रमाणित आँकड़े, स्रोत और तारीख़ के साथ

भारत का लावारिस पैसा, गिना हुआ।

₹1,44,811 करोड़

बैंकों, डाकघरों, बीमा कंपनियों, EPFO, म्यूचुअल फंड कंपनियों और IEPF में लावारिस पड़े हैं, और इसमें सिर्फ़ वे आँकड़े गिने गए हैं जो किसी सरकारी संस्था ने प्रकाशित किए हैं। IEPF के पास रखे शेयर, बाज़ार मूल्य पर ₹83,245 करोड़ के और, नीचे अलग गिने गए हैं। सरकार की अपनी गिनती, जो आख़िरी बार अक्टूबर 2025 में बताई गई, ₹1.84 लाख करोड़ थी। इसका एक-एक रुपया किसी न किसी परिवार का है।

समीक्षा: अक्टूबर 2026 · अगली समीक्षा: जनवरी 2027

प्रमाणित आँकड़े

  • ₹86,917 करोड़

    बैंक जमा (RBI का Depositor Education & Awareness Fund)

    बचत खातों की रकम पर फंड के अंदर भी ब्याज मिलता रहता है।

    किस तारीख़ तक
    30 जून 2026
  • ₹25,441 करोड़

    डाकघर के बचत खाते और सर्टिफ़िकेट

    वे खाते और सर्टिफ़िकेट जिन पर मैच्योरिटी या आख़िरी लेन-देन के दस साल बाद तक दावा नहीं हुआ, इनमें 1,526 करोड़ रुपये PPF के हैं। इन पर अब भी दावा किया जा सकता है।

    किस तारीख़ तक
    30 सितंबर 2025
  • ₹10,338 करोड़

    IEPF में बिना दावे के डिविडेंड और दूसरी रकम

    रिफ़ंड के बाद फंड का बैलेंस, बिना ऑडिट: डिविडेंड, और कंपनियों की मैच्योर हो चुकी जमा और डिबेंचर। शेयर अलग गिने गए हैं।

    किस तारीख़ तक
    31 मार्च 2026
  • ₹9,330 करोड़

    निष्क्रिय खातों में पड़ा EPF का पैसा

    किस तारीख़ तक
    31 मार्च 2026
  • ₹8,974 करोड़

    बीमा कंपनियों के पास पड़ा लावारिस बीमा का पैसा

    दस साल से ज़्यादा पुरानी रकम सीनियर सिटिज़न्स वेलफ़ेयर फंड में चली जाती है और यहाँ नहीं गिनी जाती। उस पर अब भी दावा किया जा सकता है।

    किस तारीख़ तक
    28 फ़रवरी 2026
  • ₹3,811 करोड़

    म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास लावारिस पैसा

    2,689 करोड़ रुपये बिना लिए गए डिविडेंड और 1,122 करोड़ रुपये बिना लिया गया रिडेम्प्शन का पैसा।

    किस तारीख़ तक
    31 मार्च 2026

शेयर, और वह पैसा जिसे किसी ने नहीं गिना।

ये ऊपर के कुल में शामिल नहीं हैं। शेयरों का मूल्य बाज़ार भाव पर है, जो रोज़ बदलता है। हर अनुमान पर अनुमान ही लिखा है।

आधिकारिक आँकड़ा, अलग रखा गया

₹83,245 करोड़

IEPF Authority के पास रखे शेयर, बाज़ार मूल्य पर

सात साल तक डिविडेंड न लिए जाने पर IEPF में गए 195.68 करोड़ शेयर। इनका मूल्य हर कारोबारी दिन बदलता है। बिना ऑडिट।

किस तारीख़ तक
31 मार्च 2026

जो अब भी किसी सार्वजनिक आँकड़े में नहीं गिना गया

  • बीमा की वे रकमें जो दस साल बाद Senior Citizens' Welfare Fund में चली गईं (2019 के बाद कोई आधिकारिक आँकड़ा नहीं)
  • किसी की मृत्यु के बाद बिना दावे की पेंशन
  • कंपनियों के पास मैच्योर हो चुकी जमा और डिबेंचर, जो अभी IEPF तक नहीं पहुँचे

इसमें से कुछ आपके परिवार का भी हो सकता है।

ऊपर का हर आँकड़ा आधिकारिक पोर्टलों के ज़रिए, मुफ़्त में क्लेम किया जा सकता है। पंद्रह मिनट की खोज ने आम परिवारों को ऐसी रकमें वापस दिलाई हैं जिनसे ज़िंदगी बदल जाती है।

  1. पोर्टलों पर खोजिए

    बैंकों के लिए UDGAM, म्यूचुअल फंड के लिए MITRA, बीमा के लिए Bima Bharosa, शेयरों के लिए IEPF की खोज।

    हमारी गाइड्स हर एक को समझाती हैं
  2. अपने हिसाब से योजना पाइए

    रिकवरी नेविगेटर कुछ सवाल पूछता है और क्लेम के पत्र आपके लिए लिख देता है। मुफ़्त, और कुछ भी सहेजा नहीं जाता।

    रिकवरी नेविगेटर खोलिए
  3. कभी परसेंटेज मत दीजिए

    एजेंट इन मुफ़्त प्रक्रियाओं के लिए 5 से 15 प्रतिशत लेते हैं। इस पेज का पूरा मक़सद यही है कि आपको उनकी ज़रूरत ही न पड़े।

यह पेज गिनता कैसे है

कोई आँकड़ा प्रमाणित सूची में तभी आता है जब किसी सरकारी संस्था या नियामक ने उसे प्रकाशित किया हो, उस तारीख़ के साथ जिस पर वह लागू होता है, और उस जगह के लिंक के साथ जहाँ वह छपा। अनुमान साफ़-साफ़ अनुमान के रूप में ही लिखे रहते हैं। आँकड़े हर तिमाही अपडेट होते हैं, और हर अक्टूबर हम पूरी तस्वीर वार्षिक State of Unclaimed India रिपोर्ट के रूप में प्रकाशित करते हैं।

कोई ज़्यादा ताज़ा आधिकारिक आँकड़ा दिखा? support@myparampara.in पर लिखिए, हम श्रेय के साथ अपडेट कर देंगे। लिंक के साथ बेझिझक इसका हवाला दीजिए।

काम की चीज़ें साथ ले जाइए।

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