बिना दावे वाली जमा लौटाने की RBI योजना, और आप अपना पैसा कैसे पाएँ
अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 तक RBI ने हर बिना दावे वाली जमा लौटाने पर बैंकों को भुगतान दिया। वह योजना खत्म हो चुकी है, पर आपके परिवार का पैसा आज भी कभी भी, मुफ़्त में वापस लिया जा सकता है। योजना क्या थी, अब क्या बदला है, और वह 15 मिनट की खोज जो बता देगी कि कहीं कुछ रुका है या नहीं।
21 अक्टूबर 2026 को अपडेट किया गया: यह योजना 30 सितंबर 2026 को खत्म हो गई। अब यह पेज बताता है कि योजना क्या थी, और आज दावा कैसे करें।
संसद में वित्त मंत्रालय के जवाब के मुताबिक़, 30 जून 2026 तक RBI के Depositor Education and Awareness (DEA) Fund में ₹86,917 करोड़ की ऐसी जमा पड़ी थी जिस पर किसी ने दावा नहीं किया। इसका ज़्यादातर हिस्सा आम परिवारों का है, जिन्हें पता ही नहीं कि वह खाता है।
दशकों तक यह पैसा लौटाना शाखा के लिए ऐसा काम था जो वह मन मारकर करती थी। अक्टूबर 2025 में RBI ने अपनी Scheme for Facilitating Accelerated Payout of Inoperative Accounts and Unclaimed Deposits से इसे बदलने की कोशिश की। एक साल तक बैंकों को हर बिना दावे वाली जमा लौटाने पर एक भुगतान मिला: कुछ साल से निष्क्रिय खातों पर रकम का 5 प्रतिशत (ज़्यादा से ज़्यादा ₹5,000), और दस साल से ज़्यादा पुरानी जमा पर 7.5 प्रतिशत (ज़्यादा से ज़्यादा ₹25,000)।
यह योजना 30 सितंबर 2026 तक चली और अब खत्म हो चुकी है। 21 अक्टूबर 2026 तक RBI ने यह नहीं बताया है कि इससे कुल कितना पैसा लौटा। जब बताएगा, हम यहाँ जोड़ देंगे।
मुफ़्त सुविधा। पाँच सवालों के जवाब दीजिए और अपने लिए बनी दावे की योजना पाइए, चिट्ठियाँ भी लिखी हुई मिलेंगी: रिकवरी नेविगेटर खोलिए।
योजना खत्म होने से क्या बदला, और क्या नहीं
- आपका पैसा कहीं नहीं गया। बिना दावे वाली जमा पर दावा हमेशा किया जा सकता है, और बचत खाते की रकम पर फंड के अंदर भी ब्याज जुड़ता रहता है। 1 अक्टूबर को कुछ भी खत्म नहीं हुआ।
- बैंकों को अब अलग से भुगतान नहीं मिलता। हो सकता है कुछ शाखाएँ योजना के दिनों से थोड़ी धीमी चलें। दावे के नियम वही हैं।
- रास्ता जाना-पहचाना है। “Your Money, Your Right” अभियान ने 2025 के आखिर में 748 ज़िलों में शिविर लगाए, और शाखा के कर्मचारियों ने पिछले एक साल में ऐसे बहुत सारे दावे निपटाए हैं। कागज़ी कार्रवाई अब उनके लिए नई नहीं है।
- खोजना अब भी आसान है। RBI का UDGAM पोर्टल उन 30 बैंकों को कवर करता है जिनके पास सारी बिना दावे वाली जमा का लगभग 90 प्रतिशत है।
15 मिनट की खोज
- udgam.rbi.org.in पर जाइए, अपने मोबाइल नंबर से रजिस्टर कीजिए, और परिवार के हर बुज़ुर्ग का नाम खोजिए, नाम की अलग-अलग वर्तनी के साथ भी।
- जो भी मिले, उसका UDRN नंबर बैंक और शाखा के नाम के साथ लिख लीजिए।
- इसे KYC दस्तावेज़ों के साथ बैंक ले जाइए, और जहाँ खाताधारक का देहांत हो चुका है वहाँ मृत्यु प्रमाणपत्र तथा वारिस के कागज़ात भी साथ ले जाइए।
हमारी कदम-दर-कदम UDGAM गाइड में हर स्क्रीन, हर दस्तावेज़ और साथ ले जाने वाली चिट्ठियाँ शामिल हैं, साथ ही RBI के 2025 के वे नियम भी जिनके चलते नॉमिनी को कभी अदालती कागज़ों की ज़रूरत नहीं पड़ती, और ज़्यादातर परिवारों को उत्तराधिकार प्रमाणपत्र (succession certificate) की ज़रूरत बिल्कुल भी नहीं पड़ती।
किसे खोजना चाहिए, भले ही आपको लगे कि कुछ नहीं है
- हर वह व्यक्ति जिसके माता-पिता या दादा-दादी ने सब कुछ डिजिटल होने से पहले बैंकिंग की थी। पुराने सैलरी खाते, बंद हो चुकी शाखाओं की जमा और भूली हुई FD, यह फंड ठीक इन्हीं से बना है।
- वे परिवार जिन्होंने कभी भी शहर बदला हो। निष्क्रिय खाते अकसर पुराने शहर में ही छूट जाते हैं।
- हर वह व्यक्ति जिसने कभी सोचा हो कि “शायद उनका एक खाता तो था…” और बात अधूरी छोड़ दी हो। उस अधूरी बात की कीमत आम तौर पर 15 मिनट होती है।
सहेजने लायक चेकलिस्ट
- इसी हफ़्ते UDGAM पर परिवार के हर बुज़ुर्ग का नाम खोजिए। यह मुफ़्त है और कुछ ही मिनट लेता है।
- नाम की अलग-अलग वर्तनी और परिवार के पुराने शहरों को ध्यान में रखकर दोबारा खोजिए।
- UDRN नंबर लिख लीजिए, KYC और प्रमाणपत्र इकट्ठे कीजिए, और शाखा में दावा दाखिल कीजिए।
- अगर दावा लटके, तो पहले ब्रांच मैनेजर को लिखिए, फिर बैंक की शिकायत शाखा को, और फिर cms.rbi.org.in पर RBI लोकपाल को।
- जमा “छुड़वाने” के लिए किसी को कभी पैसे मत दीजिए। यह प्रक्रिया मुफ़्त है।
- दावे निपट जाने के बाद: हर जगह नॉमिनी जोड़ दीजिए, ताकि आपका परिवार कभी इन आँकड़ों में शामिल न हो।
यह आखिरी कदम बाकी सबसे ज़्यादा मायने रखता है। पैसा तब बिना दावे का हो जाता है जब जानकारी इंसान के साथ ही चली जाती है। Parampara इसी का हल है: हर खाते, जमा और नॉमिनी के लिए एक निजी, एन्क्रिप्टेड तिजोरी, जो वहाँ रहती है जहाँ आपका परिवार उसे हमेशा ढूँढ सके।
जो भी हो, आपके परिवार को पता होगा कि कहाँ देखना है।
इस लेख में जिन चीज़ों की बात है, उन सबके लिए Parampara एक निजी, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड वॉल्ट है: पॉलिसियाँ, खाते, वसीयत कहाँ रखी है। हम उसमें कुछ नहीं पढ़ सकते। आपका परिवार पढ़ सकता है, जब ज़रूरत पड़े।
अपने परिवार का वॉल्ट शुरू करें एन्क्रिप्शन कैसे काम करता है